तरबूज के छिलके से सब्जी और मुरब्बा के अलावा हलवा भी बहुत स्वादिष्ट बनता है।

तरबूज के छिलके का हलवा
Watermelon Rind Halwa

गर्मी के मौसम में तरबूज खाईये, इसका रस पीजिये लेकिन इसके छिलके को यूहीं मत फैंक दीजिये. तरबूज के छिलके से सब्जी और मुरब्बा तो बना ही सकते हैं, तरबूज के छिलके का हलवा भी बहुत स्वादिष्ट बनता है।



आवश्यक सामग्री - Ingredients for Watermelon Rind Halwa
तरबूज के छिलके - 600 ग्राम
खोया - 200 ग्राम
चीनी - 200 ग्राम
छोटी इलायची - 5 - 6
काजू - 20-25
देसी घी - 2 टेबल स्पून

बनाने की विधि - How to make
तरबूज के मोटे छिलके को छील लीजिये, डार्क ग्रीन सख्त छिलका छील कर हटा दीजिये, सारे छिलके छील लीजिये 
तरबूज के छिलकों को कद्दूकस कर लीजिए. पैन को गैस पर रखें, इसमें 1 चम्मच घी डालकर मेल्ट कर लीजिए. अब इसमें कद्दूकस किए हुए तरबूज के छिलके डालकर ढककर के 5 मिनिट के लिए पका लीजिए.

काजू को छोटे-छोटे टुकड़ों में काट कर तैयार कर लीजिए और इलायची को कूट कर पाउडर बना लीजिए.

छिलकों को चैक कीजिए और चला कर के फिर से 5 मिनिट ढककर के पकने दीजिए और फिर से चैक कीजिए छिलकों को नरम होने तक पकाना है. इन्हें पकने में लगभग 15 मिनिट का समय लग जाता है. 

छिलकों को अच्छे से पक जाने पर और पानी समाप्त हो जाने पर इसमें चीनी डाल कर मिक्स कीजिए और धीमी आंच पर ढककर के पकने दीजिए और फिर चैक कीजिए. 

चीनी के घुल जाने पर अब हलवे को खुले ही पकाएं ताकी सारा जूस समाप्त हो जाए.
मावा भूनें

एक दूसरे पैन को गैस पर रखें इसमें 1 चम्मच घी डाल दीजिए और घी पिघलने पर मावा डालें, मावा को मीडियम आग पर लगातार चलाते हुए भून लीजिए. मावा का हल्का कलर चेंज होने पर वह भून कर तैयार हो जाता है. गैस बंद कर दीजिए और मावा को थोडा़ सा ठंडा होने दीजिए.

हलवे का जूस सूख जाने पर इसमें भूना हुआ मावा, काजू और इलायची पाउडर डालकर अच्छे से मिक्स कर लीजिए. गैस धीमी ही रखें, हलवे में मावा के अच्छे से मिक्स हो जाने पर मावा बनकर तैयार है. इसे प्याले में निकाल लीजिए. 

हलवे के ऊपर काजू डालकर इसकी गार्निश कीजिए स्वादिष्ट तरबूज के छिलकों का हलवा बनकर तैयार है. तरबूज के छिलके के हलवा को फ्रिज में रखकर 7 दिन तक खाया जा सकता है.

कुरकुरी जलेबी (without yeast crispy Jalebi)

कुरकुरी जलेबी (Crispy Jalebi )


जलेबी उत्तर भारत की पसंदीदा मिठाई है। प्रायः जलेबी के लिये बैटर एक दिन पहले ही तैयार करना होता है, लेकिन आज हम बिना खमीर (yeast) और तुरंत तैयार बैटर के भी कुरकुरी रसीली जलेबी बना सकते हैं और वो भी एकदम आसानी से। तो आईये जानते हैं कैसे ?



3 से 4 सदस्यों के लिए


स‌ामग्रीयाँ - Ingredients :
मैदा- 1 कप
उड़द दाल- 1/4 कप (भीगी हुई)
चीनी- 2 कप
बेकिंग पाउडर - 1/3 चम्मच
इलायची- 6 या 7 पीस
लाल रंग (खाने वाला)- आधा चुटकी
नींबू रस - 1 चम्मच
रिफाइन्ड तेल (घी)- तलने लिए

बनाने की विधि - How to make :

जलेबी बैटर तैयार करें।
उड़द दाल को साफ़ धो कर 2 घंटे के लिए पानी में भिगोकर छोड़ दीजिए। 2 घंटे बाद दाल से पानी निकाल कर दाल को मिक्सर जार में डालें, दाल को पीसने के लिये आवश्यकतानुसार पानी मिलायें और बारीक पीसकर पेस्ट तैयार कर लें।

मैदा को एक बड़े बर्तन में लें और साथ ही बेकिंग पाउडर और लाल रंग (खाने वाला) डालकर मिला लें। अब मैदा में थोड़ा-थोड़ा पानी डालते हुए गुठलियां खत्म होने तक चिकना घोल तैयार कर लें।

मैदा के घोल में पीसी हुई उड़द की दाल डालकर अच्छी तरह मिक्स कर लें। बैटर को बहुत ज्यादा पतला या ज्यादा गाढ़ा नहीं करना हैं। अब आपका जलेबी बनाने के लिए बैटर तैयार है।


जलेबी के लिए चाशनी बना कर तैयार करें।
इलायची का पाउडर बना लें। एक बड़े बर्तन में चीनी और डेढ कप पानी डालकर पकने के लिये रख दें, चीनी को तब तक पकाएं जब तक वह पूरी तरह स‌े पानी में घुल न जाए। हर 1-2 मिनिट पर इसे चलाते रहना है।  चीनी पानी में घुलने के बाद चाशनी को 4 से 5 मिनिट और पका लीजिए। 1- 2 बूंद चाशनी को किसी अलग बर्तन में निकाल कर ठंडी होने के बाद, उंगली और अंगूठे के बीच चिप-चिपा कर देखें, चाशनी में 1 तार बन रही हो तो, चाशनी बन कर तैयार है। अगर चाशनी में तार बिलकुल नहीं बन रहा है, तब उसे और 1-2 मिनिट तक पकाइये और फिर से इसी तरह जांच लीजिये। जैसे ही आपको 1 तार की कनसिसटेन्सी मिल जाय, गैस बन्द कर दीजिये।

चाशनी में 1 छोटी चम्मच नींबू का रस‌ मिला लीजिए, जिससे कि चाशनी जमेगी नहीं। इस‌में इलायची पाउडर डाल कर मिला दीजिए, चाशनी बनकर तैयार हैं।

अब जलेबी छानने की तैयारी।
सबसे पहले कड़ाही में रिफाइन तेल डालकर गरम कीजिए। जलेबी बनाने के लिए एक कोन तैयार कर लीजिए। (आप चाहें तो कोई मोटी पालिथिन का एक कोने को काट कर, बैटर भरकर जलेबी बनाई जा सकती है) कोन को ग्लास के ऊपर रखकर बैटर को कोन में भर लीजिए। कोन को नीचे से बिलकुल छोटा सा काट लीजिए। मीडियम हाई गरम तेल होने पर, कोन को थोड़ा- थोड़ा दबाते हुए इसकी धार को हाथ से -गोल गोल चलाते हुये कढ़ाई में डालिये और जलेबी का आकार दीजिये। जितनी जलेबी कढ़ाई में आ जाय उतनी जलेबी कढ़ाई में बना लीजिये।


जलेबी को पलट-पलट कर अच्छी क्रिस्पी और गोल्डन ब्राउन होने तक तल लीजिए। जलेबी के क्रिस्पी और गोल्डन ब्राउन हो जाने के बाद जलेबी को निकालकर छलनी पर तब तक रखे रहिये जब तक की उसमें से उस‌का अतिरिक्त घी कड़ाही में निकल जाए। अब गरम जलेबी को तुरन्त चाशनी में डाल दीजिए। 1-2 मिनट तक जलेबी को चाशनी में डूबा रहने दीजिए ताकि जलेबी के अन्दर चाशनी भर जाये। उसके बाद उसे चाशनी से निकाल कर प्लेट में रखें। इसी तरह सारी जलेबी तल कर चाशनी में डालकर तैयार कर लीजिए।

गरमा-गरम स्वादिष्ट इंसटेंट जलेबी बनकर तैयार हैं। इसे परोसिये और इसके स्वाद का मजा लीजिए।

ध्यान देने योग्य बातें
1. जलेबी के लिए बैटर बहुत ज्यादा पतला या बहुत ज्यादा गाढ़ा नहीं होना चाहिए।

2. जलेबी तलने के लिए घी मीडियम से थोडा़ सा ज्यादा गरम होना चाहिए। अगर तेल कम गरम होगा तो जलेबी फूलेगी नहीं और अगर ज्यादा गरम होगा तो जलेबी जल्दी से जल जाएगी।

3. जलेबी को हल्की गरम चाशनी में डुबायें। चाशनी जलेबी के अन्दर तुरन्त चली जायेगी और बहुत अच्छी जलेबी बनकर तैयार होंगीं।

4. ये जलेबी 8-10 घंटे बाद भी कुरकुरी बनी रहतीं हैं।

होली का वक़्त है और होली में तो मालपूआ बनाना भी अनिवार्य है।

मावा  का मालपुआ

होली का वक़्त है और होली में तो मालपूआ बनाना भी अनिवार्य है। अगर मालपूआ में मावा का मालपूआ हो तो सोने पे सुहागा जैसा है। मालपुआ (Malpua) पारम्परिक घरों में बनने वाला एक ऐसा पकवान है, जो बहुत आसानी से बनाया जा सकता है। पारम्परिक रूप से कथा, यज्ञ, भंडारे व अन्य शुभ काम की समाप्ति के बाद हुये भोजन में असली घी के मालपुआ और खीर (Kheer Malpua) परोसे जाते हैं। मालपुआ (Mal Pua) अलग जगह पर अलग स्वाद और अलग तरीके से बनाये जाते हैं। कहीं मालपुआ पके मीठे केले को मिक्स करके और मैदा या आटा और चीनी डाल कर, पानी या दूध की सहायता से घोल तैयार किया जाता है, इस घोल में इलाइची पीस कर मिलाई जाती है और इस घोल से केले के मालपुआ (Banana Malpua) बनाये जाते हैं। कुछ जगह केले की जगह, आम या अनन्नास का प्रयोग करके मालपूआ (Mango Malpua or Pineaple Malpua) बनाये जाते हैं। कहीं मैदा की जगह चावल का आटा भी प्रयोग में लाया जाता है।

साधारण मालपुआ बनाने के लिये आटे को दूध या दही में घोला जाता है, इलाइची घोल में मिला कर मालपुआ तल लिये जाते हैं, इन माल पुओं को खीर के साथ खाया जाता है। राजस्थान में दूध, मावा और मैदा मिलाकर मावा मालपुआ (Mawa Malpua) बनाये जाते हैं। इन मालपुआ को तलने के बाद चाशनी में डुबाया जाता है। आइये आज हम ये राजस्थानी मावा के मालपुआ (Rajasthani Mawa Malpua) बनायें।

सामग्रीयाँ - Ingredients for Malpua Recipe
दूध - 2 कप
मावा या खोया - 200 ग्राम ( 1 कप ) पीसा हुआ
मैदा - 100 ग्राम (1 कप)
चीनी - 300 ग्राम( 1 1/2 कप)
केसर - 20 - 25 टुकड़े (यदि आप चाहें)
घी - तलने के लिये
छोटी इलाइची - 3 से 4 (पीसी हुयी)
पिस्ता - 10 से 12 (बारीक कर लीजिये)

बनाने की विधि - How to make :
सबसे पहले दूध को हल्की आंच पर हल्का गरम कर लीजिये। मावा को कद्दूकस करके एक कप दूध में डालिये और अच्छी तरह से मिलने तक घोल कर फैट कर मिलाइये। फिर मैदा डाल कर अच्छी तरह मिलाइये (ध्यान रहे कि घोल में गुठलियां न पड़े), बचा हुआ दूध थोड़ा-थोड़ा डालिये। घोल को अच्छी तरह फैट कर जलेबी बनाने जैसा बैटर तैयार कर लीजिये। मालपूआ बनाने के लिए घोल तैयार है। घोल को सैट होने के लिये 10 मिनिट के लिये ढककर रख दीजिये।

चाशनी बनायें: - How to make Sugar Syrup for Mal Pua
किसी बर्तन में चीनी की मात्रा के आधा से थोड़ा अधिक पानी (डेढ़ कप चीनी में 1 कप पानी) डाल कर गरम करने के लिए आंच पर रखिये। उबाल आने के बाद 2-4 मिनिट तक पकाइये। दो से चार मिनट पकने के बाद चम्मच के माध्यम से एक बूँद निकाल कर अपने तर्जनी और अंगूंठे की उंगली से चिप चिपा कर देखिये अगर चाशनी में एक तार आ रहा हो तो फिर एक तार की पतली चाशनी बनकर तैयार है। चाशनी में केसर और छोटी इलाइची डाल कर मिला दीजिये।

मालपुआ बनायें: How to make Malpooa
चौड़ी कढाई (जो गहरी कम हो) में घी डाल कर गरम कीजिये। अपने मन पसन्द साइज का मालपूआ बनाने के लिए, 1 मालपूआ के लिये, 1 चम्मच घोल या आधा चम्मच घोल (जैसा आप चाहें), गरम तेल में डालिये। कढ़ाई के आकार के अनुसार 3-4 या जितना सही आ पाए उतना मालपुआ डाल दीजिये। मीडियम गैस फ्लेम पर मालपूआ तलिये। हलका ब्राउन होने पर पलटिये। दूसरी तरफ भी हल्का ब्राउन होने दीजिये। माल पूआ निकाल कर किसी प्लेट में रखिये। सारे मालपुआ इसी तरह तल कर तैयार कर लीजिये।

आपका चाशनी पहले से ही तैयार है। तैयार मालपूआ चाशनी में डुबोइये। 5-6 मिनट तक डूबे रहने के बाद मालपूआ चाशनी से निकाल कर प्लेट में लगाइये और बारीक कटे पिस्ते डालकर सजाइये। गरमा-गरम या ठंडे मालपुआ परोसिये और खाइये और कॉमेंट बॉक्स में लिख कर बताइये कि मावा का मालपुआ (Mawa Malpua) कैसा लगा, साथ में अगर आप रबड़ी बनायें तो सच में इन मालपुओं का जबाव नहीं।

बिहार और झारखंड की पारम्परिक व्यंजन, मीठा, खस्ता, कुरकुरे ठेकुआ।

ठेकुआ

बिहार और झारखंड की पारम्परिक व्यंजन है ठेकुआ। मीठा, खस्ता, कुरकुरे ठेकुआ को छठ पूजा या वट सावित्री पूजा के मौके पर विशेष रूप से बनाया जाता है। लेकिन आप इसे कभी भी बना कर खा सकते हैं या फिर सन्देश भेजने के लिए भी बना सकते हैं। आप इसे एक बार बना कर एयर टाइट डब्बे में रखकर जब मर्जी निकालकर खा सकते हैं।


सामग्रीयाँ - Ingredients for Thekua Recipe :
गेहूँ का आटा - 2 कप
गुड़ -3/4 कप (ये चीनी में भी बनता है)
नारियल - ½ कप (कद्दूकस किया हुआ)
तेल -तलने के लिए
घी - 2 टेबल स्पून (आटे में डालकर गूंथने के लिये)
इलायची - 5-6

बनाने की विधि - How to make :
सबसे पहले गुड़ को गर्म करना है। अगर गुड़ गीला है तो ठीक नहीं है तो सूखे गुड़ को छोटे-छोटे टुकड़ों में तोड़ लीजिये। गुड़ के टुकड़े और आधा कप से थोड़ा कम पानी एक कढ़ाई में डाल कर गरम कीजिये। उबाल आने पर चमचे से चला कर देखिये कि सारा गुड़ पानी में अच्छे से घुल गया है या नहीं। गुड़ पानी में घुल जाने के बाद इस घोल को छलनी से छान लीजिए ताकी अगर कोई अशुद्धि हो तो वह निकल जाए।

गुड़ के पानी में घी मिलाकर इसे थोडा़ ठंडा होने के लिए रख दीजिए। इलायची को छील कर इसका पाउडर बना लीजिए।

किसी बर्तन में आटा निकाल लीजिए। इसमें कूटी इलायची और कद्दूकस किया हुआ नारियल डाल दिजिए। अब गुड़ के घोल की सहायता से एकदम सख्त और हल्का सूखा आटा गूंथ कर तैयार कर लीजिये। आटा गूंथ कर तैयार है, अब इस आटे से ठेकुआ बनाएंगे।

कढ़ाई में तेल डालकर गरम कीजिये। आटे में से थोडा़ सा आटा तोड़कर इसको हथेली की सहायता से लम्बे आकार में बाइन्ड करते हुये लोई बना लीजिए और लोई को सांचे पर रखकर हाथों से थोड़ा सा दबाव देते हुए डिजाईन में तैयार कर लीजिए। इसी तरह अगर गोल लोई बनाना चाहते हैं तो लोई को गोल आकार देते हुए गोल ठेकुआ बना लीजिए। अगर आपके पास सांचा नहीं है तो आप घर में मौजूद छलनी, प्लास्टिक बास्केट या कद्दूकस का इस्तेमाल कर सकते हैं।

सारे आटे से ठेकुआ बना लेने के बाद इन्हें मीडिय़म गरम तेल में डालकर तल लीजिए। ठेकुए को मीडियम और धींमी आंच पर ही तलना चाहिए। तेल में जितने ठेकुए आ जाएं उतने डाल दीजिए और पलट-पलट कर ब्राउन होने तक तल लीजिये। जब ये ब्राउन हो जाएं तब इन्हें निकाल लें और एक प्लेट में पेपर नैपकिन बिछा कर रखते जाएँ। इसी तरह सारे ठेकुआ बना कर तैयार कर लीजिये।

बहुत ही स्वादिष्ट ठेकुआ बनकर के तैयार हैं। इन्हें ठंडा होने दीजिए उसके बाद एअर टाइट कन्टेनर में रख लीजिये और जब मन करें कंटेनर से निकाल कर खाएं। ठेकुआ को आप एक माह तक खाने के लिए उपयोग में ला सकते हैं। ये एक बड़ी खासियत है।

ध्यान रखने योग्य बातें :
ठेकुआ में आप अपने मन के अनुसार काजू, किशमिश, छुहारे या जो आपका मन हो वो ड्राई फ्रूट डाल सकते हैं।

क्या आपने उन्नी अप्पम का नाम सुना है ? नहीं ना ? एक बार चखिए बार-बार खाएंगे।

उन्नी अप्पम

उन्नी अप्पम दक्षिण भारत (South Indian) का व्यंजन (Dish) है। उन्नी अप्पम (Unni Appam) मीठे और बहुत ही स्वादिष्ट होते हैं। बच्चों की तो मन पसन्द व्यंजन (Recipe) है यह।








सामग्रीयाँ - Ingredients for Unniappam :
चावल का आटा - 1 कप
सुज्जी - 1/2 कप
पका केला - 3
गुड़ - 1/3 कप (आप चाहें तो चीनी भी इस्तेमाल कर सकते हैं।)
नारियल - 1/2 कप (कद्दूकस किया हुआ)
छोटी इलाइची - 5 (पिसा हुआ)
खाने वाला सोडा - 1/4 छोटी चम्मच (आप चाहें तो ईनो साल्ट भी ले सकते हैं।)
तेल - सेकने के लिये

बनाने की विधि - How to make Unni Appam 
चावल को 1 घंटे तक फूलने के लिए डाल दीजिये। चावल के फूल जाने के बाद, चावल से पानी निकालिये (चाहें तो मोटे कपड़े पर फैला दीजिये ताकि वह चावल का पानी सोख ले), चावल का बारीक आटा पीस लीजिये।

चावल के आटे और सूजी को किसी बड़े बर्तन में निकालिये। नारियल और चीनी पीस कर मिलाइये।

केले को अच्छी तरह मैश कीजिये और मिश्रण में मिलाइये। इलायची और भी मिला दीजिये। आवश्यकतानुसार पानी मिलाइये। घोल को इडली के घोल जैसा गाड़ा रखना हैं। घोल को अच्छी तरह हैन्ड ब्लेन्डर से फैटिये और आधा घंटे के लिये रख दीजिये।

मिश्रण में ईनो साल्ट मिलाइये। आप बेकिंग पाउडर भी मिला सकते हैं। लेकिन मेरा यह अनुभव है कि यदि आप बेकिंग पाउडर के बजाय ईनो साल्ट मिलाते हैं तो मिश्रण अधिक फूलता है।

अप्पा मेकर (Appa Patra) को गैस प्लेम पर रखिये और गरम कीजिये। प्रत्येक खाने में एक चौथाई छोटी चम्मच से भी कम तेल डालिये। (आप चाहें तो बिना तेल के भी बना सकते हैं), चमचे से मिश्रण लीजिये और प्रत्येक खाने को आधा भर दीजिये। गैस धीमी ही रखिये। थोड़ी ही देर में ये अप्पम फूल कर खाने को पूरा भर देंगे। नीचे की तरफ से ब्राउन होने पर उन्नी अप्पम को पलटिये और दूसरी तरफ ब्राउन होने तक सेकिये।

सेके हुये उन्नी अप्पम को निकाल कर प्लेट में रखिये और दूसरे उन्नी अप्पम (UnnI Appam) इसी प्रकार सेकिये। सारे उन्नी अप्पम (Unniappam) इसी प्रकार तैयार कर लीजिये।

गरमा-गरम उन्नी अप्पम (UnniAppam) तैयार है, परोसिये और खाइये।

इस बार होली के अवसर पर बनायें चाशनी के लेयर वाली गुजिया/पिड़ुकिया

चाशनी के लेयर वाली गुजिया/पिड़ुकिया

गुजिया/पिड़ुकिया के ऊपर चाशनी की एक परत चढाकर भी गुजिया/पिड़ुकिया बनाई जाती है। इसमें उपयोग होने वाली सामग्री लगभग एक जैसी ही है लेकिन बनाने में बस थोड़ा ही अन्तर है। चाशनी में पगी इन्हीं गुजिया/पिड़ुकिया की तरह चन्द्रकला भी बनायी जाती है चन्द्रकला और गुजिया/पिड़ुकिया के आकार और अन्दर भरने वाले कसार में थोड़ा अन्तर होता है। आज इस बार होली के अवसर पर हम चाशनी में पगी गुजिया/पिड़ुकिया बनायें।


सामग्रीयाँ - Ingredient of Gujhiya/Pidukiya :

गुजिया/पिड़ुकिया में भरने के लिये मिश्रण (कसार)
मावा या खोया - Mawa or Khoya - 250 ग्राम
चीनी पाउडर - 250 ग्राम
काजू - 20 - 25 (एक काजू को 6 -7टुकड़े करते हुये काट लीजिये)
किशमिश -40-50 (डंठल तोड़ लिजिये)
छोटी इलाइची - 6-7 (छील कर बारीक कूट लीजिये)
सूखा नारियल - आधा कप कद्दू कस किया हुआ
चिरोंजी - 2 टेबल स्पून (साफ कर लीजिये)

गुजिया/पिड़ुकिया का आटा तैयार करने के लिये
मैदा - 4 कप
घी - 1/2 कप
घी - गुजिया/पिड़ुकिया तलने के लिये
चीनी - 2 कप (चाशनी के लिये)

बनाने की विधि - How to Make Gujhiva/Pidukiya Recipe

गुजिया/पिड़ुकिया के अन्दर भरने के लिये कसार तैयार करें।
मोटे तले की कढ़ाई में मावा को ब्राउन होने तक अच्छी तरह भूनिये। (मावा जितना अच्छा भुना होगा, गुजिया/पिड़ुकिया अधिक दिनों तक खराब नहीं होगी), भुने हुये मावा को एक बर्तन में निकाल लीजिये। मावा को ठंडा होने दीजिये।

भुने हुये मावा में चीनी, काजू, किशामिश, इलाइची, नारियल और चिरोंजी डाल कर अच्छी तरह से मिलाइये. गुजिया/पिड़ुकिया में भरने के लिये कसार तैयार है।

गुजिया /पिड़ुकिया तलने के लिये तैयार कर लें
मैदा को किसी बर्तन में छान कर निकालिये, घी पिघला कर आटे में डालिये और मिलाइये। गुनगुने पानी की सहायता से कड़ा पूड़ियों जैसा आटा गूथ लीजिये। आटे को आधा घंटे के लिये गीले कपड़े से ढककर रख दीजिये। गुझिया बनाने के लिये आटा तैयार है।

आधा घंटे के बाद आटे को मसल कर मुलायम कीजिये। आटे से छोटी-छोटी एक बराबर की लोइयां तोड़िये। लोइयों को गीले कपड़े से हमेशा ढककर रखिये। एक लोई निकालिये और पूरी की तरह बेलिये। यह पूरी थोड़ी सी मोटी रहनी चाहिये. सामान्य गुजिया/पिड़ुकिया बनाने में यह पूरी पतली रखी जाती है।

पूरी को हाथ पर ले कर पूरी के ऊपर 1 छोटी चम्मच कसार रखिये। फिर किनारों पर हर तरफ से पानी लगाइये। पूरी को मोड़कर बन्द कीजिये तथा उंगलियों से दबाकर अच्छी तरह चिपकाइये। (चाशनी वाली गुजिया/पिड़ुकिया बनाने के लिये सांचे की आवश्यकता नहीं है), किनारे को हाथ से मोड़ मोड़ कर गूंथिये, गूंथने की प्रैक्टिस तो आपको करनी ही होगी। अब इस गुजिया/पिड़ुकिया को किसी थाली या कपड़े पर रख सकते हैं।

10 गुजिया/पिड़ुकिया एक साथ बेलिये और तैयार कीजिये। 10 गुजिया/पिड़ुकिया बनाने के बाद इन्हें कपड़े से ढक दीजिये (इसके लिये आप धुली चादर ले सकती हैं), फिर से 10 गुजिया/पिड़ुकिया बन जाये तो पहले से ढकी हुई गुजियों/पिड़ुकियों के पास रख कर ढक दीजिये। इसी तरह से सारी गुजिया/पिड़ुकिया बनाकर तैयार कीजिये और ढककर रखिये।

अब आपकी गुझिया तलने के लिये तैयार हैं। 
 
गुझिया तलें
मोटे तले की कढाई में घी डाल कर गरम कीजिये। गरम घी में 8-10 या जितनी कढ़ाई में आ सके उतनी गुजिया/पिड़ुकिया डालिये और धीमी गैस पर ब्राउन होने तक तल लीजिये। तली हुई गुजिया/पिड़ुकिया निकाल कर थाली में रखिये। सारी गुझिया इसी तरह से तल कर निकाल लीजिये।

गुझियों को ठंडी होने दीजिये, तब तक हम चाशनी बना कर तैयार करते हैं।

चाशनी तैयार कर लें
किसी भी बर्तन मे चीनी निकालिये। चीनी की मात्रा का आधा पानी डाल कर मिलाइये, और गैस पर रखिये। 2 तार की चाशनी बनाइये। तार को चेक करने के लिए चम्मच से चाशनी निकाल कर प्लेट पर 1-2 बूद गिराइये और उंगली और अंगूठे के बीच चिपका कर देखिये। अगर दो तार जैसा बन रहा है तो आपका चाशनी तैयार है। गैस बन्द कर दीजिये।

गुजिया/पिड़ुकिया पर चाशनी की परत चढ़ा लें
4 से 5 गुजिया/पिड़ुकिया चाशनी में डुबाइये और छलनी से निकाल कर दूसरी थाली में रखिये। इसी तरह सारी गुजिया/पिड़ुकिया को चाशनी में डुबा कर निकाल लीजिये। गुजिया/पिड़ुकिया को एक दूसरे से अलग ही रखिये। 1 घंटा हवा में छोड़िये उसके बाद पलट दीजिये और 1 घंटे हवा में फिर छोड़ दीजिये। आपकी चाशनी वाली गुजिया/पिड़ुकिया तैयार हो गयीं हैं। 
 
अब आप भी ताज़ा गुजिया/पिड़ुकिया खाएं और होली में आये मेहमानों को भी खिलाएं। 
 
 

महाराष्ट् की स्वीट डिश पूरन पोली बहुत ही लजीज़ व्यंजन है।

पूरन पोली (Puran Poli Recipe)

महाराष्ट्र में बनाई जाने वाली, पारम्परिक स्वीट डिश पूरन पोली, कई प्रकार से बनाई जाती हैं। लेकिन मुख्य रूप से चने की दाल की पूरन पोली अधिक प्रचलित है। ये बहुत ही लजीज़ व्यंजन है। पूरन पोली को 2 से 3 दिन तक रखा जा सकता है। ये बड़ी आसानी से बन जाता है तो आइये आज हम पूरन पोली (Puran Poli Recipe) बनायें।



4 से 5 लोगों के लिये
सामग्रीयाँ - Ingreditents for Puran Poli
आटा गूथने के लिये गेहूं का आटा या मैदा - 2.5 या 3 कप
तेल या घी - 2 बड़ा चम्मच
नमक -स्वादानुसार
पूरन बनाने के लिये पिठ्ठी
चने की दाल - 3/4 कप (फुलाने के लिए)
चीनी या गुड़ - 1/3 कप
घी या रिफाइन्ड तेल - 1/2 कप
छोटी इलाइची - 10 पीस (पिसी हुयी)
बनाने की विधि - How to make Pooran Poli :

चने की दाल को 4 से 5 घन्टे पहले पानी में भिगो कर छोड़ दीजिये ताकि वो सही से फूल जाए।

आटे को किसी बर्तन में छान कर निकाल लीजिये। 2 टेबल स्पून घी और स्वादानुसार नमक डाल कर अच्छी तरह मिक्स कर लीजिये। आटे को गुनगुने पानी की सहायता से नरम गूथ लीजिये। गूथे हुये आटे को सैट होने के लिये 15 - 20 मिनिट के लिये छोड़ दीजिये।

कुकर में 1/3 कप पानी डाल कर दाल को उबलने के लिए छोड़ दीजिये। एक सीटी हो जाने के बाद गैस बन्द कर दीजिये। कुकर से दाल निकाल कर ठंडा होने दीजिये। ठंडा हो जाने पर, पानी डाले बगैर मिक्सी से बारीक पीस लीजिये।

अब कढ़ाई के अंदर 1 टेबल स्पून घी या रिफाइन डाल कर गरम कीजिये। घी में पिसी हुई दाल और पिसी हुई चीनी डाल कर 5-6 मिनिट तक भूनिये। अब इसे ठंडा कीजिये और उसमें इलाइची पाउडर मिला दिजिये। पूरी में भरने के लिये पूरन (Pooran) तैयार है।

गैस पर तवा रख कर पहले गरम कीजिये। गूथे हुये आटे से थोड़ा सा आटा तोड़िये और गोल-गोल लोई बनाइये। सूखा आटा लगाकर, पूरी नुमा बेल लीजिये। इस बेली हुई पूरी के उपर 2 चम्मच पूरन रख कर, पूरी को चारों ओर से बन्द करके, दोनों हाथों की हथेली के बीच रख कर दबा कर थोड़ा सा बड़ा लीजिये (यदि ऎसा नहीं करेगे तो आपकी पूरन पोली बेलते समय फट सकती है)। अब इस पूरन भरे हुये गोल को सूखे आटे (परोथन) में लपेट कर चकले पर बेलन की सहायता से गोल 6 से 7 इंच के व्यास की पूरन पोली बेल लीजिये। बेली हुई पूरन पोली को तवे पर डाल कर दोनों तरफ घी लगा कर पलट-पलट कर ब्राउन होने तक सेकें। तवे से पूरन पोली उतार कर प्लेट में निकाल कर रखिये।
इसी प्रकार सारी पूरन पोली (Pooran poli) बना कर तैयार कर लीजिये।

आपकी पूरन पोली (Pooran Poli Recipe) तैयार है। पूरन पोली को चटनी, अचार या अपने मनपसन्द की सब्जी के साथ परोसिये और खाइये। अपने अनुभव हमारे साथ अवश्य शेयर कीजिये।

बिहारी पकवान गुजिया/पिड़ुकिया : होली हो या छठ, गुजिया बनाइये फटाफट।

बिहारी पकवान गुजिया/पिड़ुकिया - Gujiya/Pirukiya Recipe in Hindi

होली या छठ के त्योहार के लिये गुजिया (Gujiya ) बनाये जाते हैं। गुजिया कई तरह से बनाईं जातीं है। मावा भरी गुजिया या मावा-इलायची भरी गुजिया जिनके ऊपर चीनी की एक परत (Gujiya dipped in sugar syrup) चढ़ी होती है। इसके अलावा - सेब गुजिया (Apple Gujiya), केसर गुजिया (Kesar Gujiya), मेवा गुजिया (Dry Fruits Gujiya), अंजीर गुजिया (Anjeer Gujiya), काजू गुजिया (Cashewnut Gujiya), पिस्ता गुजिया (Pista Gujiya) और बादाम गुझिया (Almond Gujiya) भी बनायीं जाती है। आप अपनी मनचाही गुजिया बना सकते है बस इसके अन्दर भरे जाने वाली कसार अपने मन मुताबिक तैयार कर लें। आईये हम मावा गुझिया बनायें।


सामग्रीयाँ  - Integrients :
गुजिया में भरने के लिये मिश्रण (कसार)
सूजी - 100 ग्राम (1 कप)
मावा - 400 ग्राम(2 कप)
घी - 2 टेबल स्पून
चीनी - 400 ग्राम (2 कप)
काजू - 100 ग्राम (एक काजू को 5-6 टुकड़े करते हुये काट लीजिये)
किशमिश - 50 ग्राम (डंठल हों तो, तोड़ दीजिये)
छोटी इलाइची - 7-8 (छील कर कूट लीजिये)
सूखा नारियल - 100 ग्राम (1 कप कद्दूकस किया हुआ)

बनाने की विधि - How to make Mawa Ghujiya :

भारी तले की कढ़ाई में मावा को हल्का ब्राउन होने तक भूनिये और एक बर्तन में निकाल लीजिये। कढ़ाई में घी डाल कर, सूजी डालिये। हल्का ब्राउन भून कर, एक प्लेट में निकाल लीजिये। चीनी को पीस लीजिये। सूखे मेवे कटे हुये तैयार हैं।

मावा, सूजी, चीनी और मेवों को अच्छी तरह मिला लीजिये। गुजियों में भरने के लिये कसार तैयार है।
गुजिया का आटा तैयार करने के लिये :
मैदा - 500 ग्राम (4 कप)
दूध या दही - 50 ग्राम (जो आप चाहें, 1/4 कप)
घी - 125 ग्राम (2/3 कप ) आटा गूथने में डालने के लिये
घी - गुजिया तलने के लिये
बनाने की विधि- How to make :मैदा को किसी बर्तन में छान कर निकाल लीजिये। घी पिघला कर आटे में डाल कर, अच्छी तरह मिलाइये। अब दूध डालकर आटे में मिलाइये। पानी की सहायता से कड़ा आटा गूथ लीजिये। आटे को आधा घंटे के लिये गीले कपड़े से ढककर रख दीजिये।

आटे को खोलिये और मसल मसल कर मुलायम कीजिये। आटे से छोटी छोटी लोई तोड़ कर बना लीजिये (इतने आटे से 50- 55 लोइयां बन जायेगी)। लोइयों को गीले कपड़े से ढककर रखिये। एक लोई निकालिये 4 इंच के व्यास में पूरी बेलिये। बेली हुई पूरी थाली में रखते जाइये। जब 10 - 12 पूरियां थाली में हो जायं, अब इन्हैं भर कर गुजिया तैयार कर लीजिये।

गुजिया भरने के तीन तरीके हैं :

1. पूरी को हाथ पर रखना, पूरी के ऊपर मिश्रण रखना, मोड़ कर बन्द करना, और गुझिया कतरनी से काटना।
2. पूरी को हाथ पर रखना, पूरी के ऊपर मिश्रण रखना, मोड़ कर, बन्द करना, और गोंठना.
3. पूरी को, गुझिया के सांचे के ऊपर रखना, पूरी के ऊपर मिश्रण रखना, किनारों से पानी लगाकर, बन्द करना, दबाना।

आप तीनों तरीके से गुझिया बना सकती हैं, लेकिन मुझे तीसरा तरीका ज्यादा आसान लगता है। इसमें समय भी कम लगता है, साथ ही सारी गुजिया एक बराबर होती हैं। 

10 पूरियां हमने बेल कर रखी हुई हैं। एक पूरी उठाइये, पूरी को सांचे के ऊपर रखिये, एक या डेड़ चम्मच कसार पूरी के ऊपर डालिये, किनारों पर उंगली के सहारे से पानी लगाइये। सांचे को बन्द कीजिये, दबाइये, गुजिया से अतिरिक्त पूरी ह्टा दीजिये। सांचे को खोलिये, गुझिया निकाल कर थाली में रखिये। एक-एक करके सारी पुरियों की गुजिया इसी तरह बना कर थाली में लगाइये। मोटे धुले कपड़े से ढककर रखिये। फिर से 10 पूरियां बेलिये और इसी तरह गुजिया बनाइये और ढक दीजिये। सारी गुजिया इसी तरह से बना कर तैयार कर लीजिये, ढककर रख दीजिये।

अब मोटे तले की कढ़ाई में घी डाल कर गरम कीजिये। गरम घी में 7-8 गुजिया डालिये। धीमी और मीडियम आंच पर हल्के ब्राउन होने तक पलट-पलट कर तल लीजिये। कढ़ाई से गुजिया, थाली में निकालिये और किसी डलिया या बड़े चौड़े बर्तन में रखते जाइये। सारी गुजिया इसी तरह तल कर निकाल लीजिये. लीजिये आपकी गुजिया तैयार हैं। गरमा-गरमा गुजिया परोसिये और खाइये। बची हुई गुजिया ठंडी होने के बाद एअर टाइट कन्टेनर में भरकर रख दीजिये। स्वादिष्ट गुजिया 15-20 दिनों तक जब भी आपका मन करे कन्टेनर से निकालिये और खाइये।

त्यौहार के मौके पर बनाया जा सकता है मावा के अनरसे (Mawa Anarse)

मावा के अनरसे (Mawa Anarse)

विशेष पकवान की श्रेणी में आता है मावा के अनरसे। इसे त्योहारों या किसी अवसरों पर विशेष कर बना सकते हैं। अगर त्यौहारों के अवसर पर मावा के अनरसे बनाने की तैयारी कर रहे हैं। ये सामान्य अनरसे की अपेक्षा ज्यादा स्वादिष्ट और मुलायम भी होते हैं। तो आईये बनाना शुरू करें मावा के अनरसे।

सामग्रीयाँ - Ingredients : 
मावा - 100 ग्राम (मेस (crumble) किया हुआ)
छोटी किस्म के चावल - 1 कप
चीनी - 1/3 कप
दूध - 1 टेबल स्पून
घी - तलने के लिये
तिल - 1 टेबल स्पून

बनाने की विधि - How to Make Mawa Anarse :
सबसे पहले चावलों को साफ कीजिये और उसे 3 दिनों तक के लिये पानी में फूलने के लिए छोड़ दीजिये। याद रहे की रोजाना एक बार पानी बदलते रहना है। 3 दिन बाद चावलों को पानी से छान कर निकालिये, धोइये और साफ कपड़े पर 2 घंटे के लिये छाया में फैला कर फ्रेश कर दीजिये, फ्रेश चावलों को मिक्सी से या जैसे संभव हो थोड़ा मोटा पीस लीजिये।

मावा छोटे छोटे टुकड़ों में होना चाहिए तो उसे कद्दूकस कर लीजिये।

चीनी को पीस कर पाउडर जैसा बना लीजिये।

एक बर्तन में पिसा हुआ चावल, मावा और चीनी को मिक्स कर लीजिय। थोड़ा-थोड़ा दूध डालकर सख्त आटा (जैसा पूरी के लिए करते हैं) गूथ कर, आधा घंटे के लिये ढककर रख दीजिये, ताकि आटा फूल कर सैट हो जाय।

कढ़ाई में घी डाल कर माध्यम आंच पर गरम कीजिये। गुथे हुए आटे से थोड़ा सा आटा निकालिये, तिल लपेटिये, हथेली पर रख कर गोल कीजिये। एक हाथ से दबा कर पेड़े जैसा चपटा कीजिये और गरम तेल में डालिये। कलछी से गरम घी अनरसे के ऊपर भी डालते रहिये। जब अनरसा हल्का ब्राउन हो जाये तो उसे प्लेट में निकाल कर रखिये। एक बार में 2 से 3 अनरसे डाल कर तल सकती है। सारे अनरसे इसी प्रकार से तल कर रख लीजिये। गरम-गरम अनरसे खाइये, ठंडा होने के बाद एअर टाइट कन्टेनर में भर कर रख दीजिये ताकि इसकी अवस्था बनी रहे। इसे 8 से 10 दिन तक कभी निकाल कर खा सकते हैं

शिव रात्री के व्रत के अवसर पर सिघाड़े की मीठी बर्फी/कतली बनायें - Sweet Singhada Burfi/Katli Recipe

सिघाड़े की मीठी बर्फी/मीठी कतली 

(Singhade ki Meethi Barfi/Meethi Katali)

व्रत के अवसर पर अक्सर लोग सिघाड़े की मीठी बर्फी/कतली बनाकर खाते है। यह बर्फी बड़ी ही स्वादिष्ट होती है। अगर आपने नहीं खायी तो जरूर आजमाईयेगा, आइये इस बार व्रत में जरूर सिघाड़े के आटे की मीठी कतली बनायें।


सामग्रीयाँ - Ingredients for Singhada Burfi :
सिघाड़े आटा (Singhada Flour)- 100 ग्राम (1 कप)
घी (Ghee) - 2 से 3 चम्मच
चीनी (Sugar) - 100 ग्राम (1 कप)
इलाइची (Cardamom Powder) - 4 - 5 (पीसी हुयी)
गरी (Dry Coconut) - 2 चम्मच (कद्दूकस किया हुआ)

बनाने की विधि - How to make :
सिंघाड़े की मीठी बर्फी बनाने के लिए सबसे पहले कढाई में 2 - 3 चम्मच घी डाल कर गरम कीजिये। घी में सिघाड़े का आटा डाल कर हल्का गुलाबी होने तक भूनिये।

भुने हुये आटे में तीन गुना पानी और चीनी मिलाकर चमचे से चलाते जाइये। उबाल आने के बाद 4-5 मिनिट तक पकाइये। सिघाड़े का गाड़ा हलुआ जैसा बन जायेगा। अब गैस बंद कर दीजिये। 
एक थाली में घी लगा कर चिकना कीजिये और सिंघाड़े के हलुवा को थाली में डालकर पतला (आधा इंच की मोटाई में) फैला कर जमा दीजिये।
ठंडा होने पर चाकू से अपने मनपसन्द आकार में काट लीजिये। अब आप कटे हुए बर्फी के ऊपर कद्दूकस की हुयी गरी को गार्निश करें। अब आपका सिंघाड़े की बर्फी/कतली बनकर तैयार है। इन कतलियों को प्लेट में रखिये और ब्रत के खाने में खाइये।

ध्यान देने योग्य बातें:
आप चाहें तो अपने पसंद के किसी भी ड्राई फ्रूट का इस्तेमाल गार्निश करने में कर सकते हैं।

क्या आप जानते हैं?


क्या आप जानते हैं?


कंपनी के नामों की वास्तविकता क्या है?

दुनिया में जितनी भी बड़ी कंपनियां हैं सबों के नाम के पीछे का छुपा कोई न कोई मक़सद है। या तो उस नाम का कोई अर्थ होता है या फिर किसी तथ्य के नामों से वो नाम जुड़ा होता है।

1. Mercedes - कंपनी के फाउंडर एमिल जेल्लिनेक की बेटी मर्सिडीस के नाम है।

Mercedes-AMG-Bugatti-Chiron
Emil Jellinek with his dauter Mercedes

2. Nokia - फ़िनलैंड के एक सिटी का नाम है।

Nokia Finland
Nokia Company

 

3. Pepsi - पेप्सिन नामक डायजेस्टिव एन्जाइम के नाम पर रखा गया है।

Pepsi Logo
Pepsin Enzyme

 

4. Honda - फाउंडर का नाम ही सोइचिरो हौंडा  Soichiro Honda है।

Honda Logo

Soichiro Honda

5. Sony - एक लैटिन शब्द "सोन्स" (जिसका अर्थ आवाज है) से लिया गया है।

Sony Logo

 

6. Maggi - इस फ़ूड कंपनी का नाम इसके फाउंडर Julius Maggi के नाम पर है। 

Maggi Logo

Julius Maggi


7. Suzuki - कंपनी का नाम इसके फाउंडर Michio Suzuki के नाम पर है। 

Suzuki Logo
Michio Suzuki

8. Samsung (三星) -कोरियन भाषा है जिसका अर्थ तीन सितारे ("tristar" or "three stars") होता है। 

Samsung_logo-4th
Samsung Logo Evolution

 

9. Toyota - कंपनी का नाम इसके फाउंडर Sakichi Toyoda के नाम पर है। बस इनके सरनेम Toyoda की जगह Toyota है। 

Toyota Logo
Sakichi Toyoda

 

10. Yamaha - कंपनी के फाउंडर Torakusu Yamaha के नाम पर है। 

Yahama Logo

 

Torakusu Yamaha

11. Adidas - कंपनी के फाउंडर के नाम में से Adolf (Adi) और Dassler. (das) को लेकर बना है। 

एडिडास लोगो
Adolf Dassler

 


गणपति बप्पा का पसंदीदा व्यंजन मोदक का नाम तो सुना ही होगा।

मोदक (Steamed Dessert Dumplings)

मोदक महाराष्ट्र में खाया जाने वाला, गणेश जी का प्रिय व्यंजन है. महाराष्ट्र में, गणेश पूजा के अवसर पर मोदक (Rice modak) घर घर में बनाया जाता है। मोदक बनाने में घी तो लगता ही नही इसलिये आप इसे जितना चाहें उतना खा सकते हैं। 


सामग्रीयाँ - Ingredients :
चावल का आटा - 2 कप
कच्चे नारियल - 2 कप ( बारीक कद्दूकस किया हुआ )
काजू - 4 टेबल स्पून ( छोटे छोटे टुकड़ों में काट लीजिये )
किशमिश - 2-3 टेबल स्पून
खसखस - 1 टेबल स्पून ( गरम कढ़ाई में डालकर हल्का सा रोस्ट कर लीजिये)
इलाइची - 5 -6( छील कर कूट लीजिये )
गुड़ - 1.5 कप (बारीक तोड़ा हुआ)
घी - 1 टेबल स्पून
नमक - आधा छोटी चम्मच

बनाने की विधि - How to make Modak :
गुड़ और नारियल को कढ़ई में डाल कर गरम करने के लिये रखें। चमचे से चलाते रहें। गुड़ पिघलने लगेगा चमचे से लगातार चला कर भूने, जब तक गुड़ और नारियल का गाढ़ा मिश्रण न बन जाय। इस मिश्रण में काजू, किशमिश, खसखस और इलाइची मिला दें. यह मोदक में भरने के लिये पिठ्ठी तैयार है। 
 
2 कप पानी में 1छोटी चम्मच घी डाल कर गरम करने रखिये। जैसे ही पानी में उबाल आ जाय, गैस बन्द कर दीजिये और चावल का आटा और नमक पानी में डाल कर चमचे से चला कर अच्छी तरह मिला दीजिये और इस मिश्रण को 5 मिनिट के ढक कर रख दीजिये।

अब चावल के आटे को बड़े बर्तन में निकाल कर हाथ से नरम आटा गूथ कर तैयार कर लीजिये। यदि आटा सख्त लग रहा हो तो 1 - 2 टेबल स्पून पानी और डाल सकते हैं, एक प्याली में थोड़ा घी रख लीजिये। घी हाथों में लगाकर आटे को मसलें, जब तक कि आटा नरम न हो जाय। इस आटे को साफ कपड़े से ढक कर रखें।

हाथ को घी से चिकना करें और गूथे हुये चावल के आटे से एक नीबू के बराबर आटा निकाल कर हथेली पर रखें, दूसरे हाथ के अँगूठे और उंगलियों से उसे किनारे पतला करते हुये बढ़ा लीजिये, उंगलियों से थोड़ा गड्डा करें और इसमें 1 छोटी चम्मच पिठ्ठी रखें। अँगूठे और अँगुलियों की सहायता मोड़ डालते हुये ऊपर की तरफ चोटी का आकार देते हुये बन्द कर दीजिये। सारे मोदक इसी तरह तैयार कर लीजिये।

किसी चौड़े बर्तन में 2 छोटे गिलास पानी डाल कर गरम करने रखें। जाली स्टैन्ड लगाकर चलनी में मोदक रख कर भाप में 10 - 12 मिनिट पकने दीजिये. आप देखेंगे कि मोदक स्टीम में पककर काफी चमक दार लग रहे हैं।
मोदक तैयार हैं।

मोदक (Modak) को प्लेट में निकाल कर लगायें और गरमा गरम परोसिये और खाइये।

फगुआ में मालपुआ मज़ा दोगुना हो जाता है।

मालपुआ (Malpua) 

होली में मालपुआ (Malpua) उत्तर भारत में बनायी जाने वाली रैसिपी है। ये बहुत ही स्वादिष्ट होते है और इन्हैं बनाने का तरीका बहुत आसान है। 

मालपुआ को रबड़ी या खीर के साथ भी खाते है। इन्हैं खीरपूआ भी कहा जाता है। राजस्थान में मालपुआ में मावा मिलाकर, मावा मालपुआ (Mawa Malpua) भी बनाते हैं। आईये आज हम मालपुआ (Malpua) बनायें।

 

सामग्रीयाँ - Ingredients :
गेहूं का आटा - 1कप (125 ग्राम)
चीनी — 1/4 कप (50 ग्राम)
दूध -- 1/4 कप (50 ग्राम)
देशी घी - तलने के लिये
बनाने की विधि - How to make Malpua :
चीनी को किसी प्याले में डाल लीजिये और दूध डालकर चीनी घुलने तक घोलिये। दूध और चीनी के घोल में आटे को डालिये और गुठलियां खतम होने तक घोल लीजिये। अब इतना पानी डालिये कि घोल पकोड़े के घोल के जैसा गाढ़ा हो जाय। घोल को अच्छी तरह से 4-5 मिनिट तक मिक्स करते हुये फैट लीजिये। घोल को एकदम चिकना होने तक फैटते रहिये। 

चौड़े तले की कढ़ाई (जो कम गहरी हो) में घी डाल कर गरम कीजिये। अब चमचे में घोल भर कर कढ़ाई में गोल-गोल फैला कर डालिये। धीमी और मीडियम आंच पर माल पुये तलिये। हल्के गुलाबी होने पर मालपूआ निकाल कर प्लेट में रखिये। इतने घोल में करीब 8-10 माल पुये बन जायेंगे। सारे मालपूये इसी तरह तैयार कर लीजिये।

मालपुये (Malpua) तैयार है। इन्हें गरमा-गरम या ठंडे कैसे भी खीर या हरी धनिये की चटनी, टमाटर की चटनी या खट्टा नीबू के अचार के साथ परोसिये और खाइये।

ध्यान देने योग्य बातें :
मालपूआ के मिश्रण में डालने के लिये दूध की जगह दही भी लिया जा सकता है। दही और दूध दोनों को मिक्स करके भी ले सकते हैं।

चाय के साथ अगर गुजराती मसाला खाखरा हो तो बात ही कुछ और हो।

मसाला खाखरा (Masala Khakhra Recipe) 

गुजराती मसाला खाखरा दिखने में पापड़ या पतले परांठे जैसी एकदम कुरकुरा होता है। चाय के साथ कुरकुरे मसाला खाखरा खाने का मज़ा ही कुछ और है। यह अनेक तरह से जैसे मसाला, जीरा, मेथी, अजवायन और अन्य फ्लेवर में बनाया जाता है। सबसे बड़ी बात कि इसे बनाना बहुत ही ज्यादा आसान है। 


इसकी शेल्फ लाइफ भी बहुत अधिक होती है। अगर आप कहीं सफर में जा रहे हैं तब थेपला और खाखरा ले जाना मत भूलियेगा। 

10 खाखरा बनाने के लिये

सामग्रीयाँ - Ingredients :
गेहूं का आटा - 1 कप (150 ग्राम)
बेसन - 2 टेबल स्पून (20 ग्राम)
दूध - ½ कप
कसूरी मेथी - 1 टेबल स्पून
अजवायन - ¼ छोटी चम्मच
तेल - 2-3 टेबल स्पून
हींग - 1 चुटकी
हल्दी पाउडर - ¼ चम्मच
जीरा - ¼ चम्मच
लाल मिर्च पाउडर - ¼ छोटी चम्मच
हरी मिर्च - 1 (बारीक कटी हुई)
नमक - स्वदानुसार
बनाने की विधि - How to make :
एक बड़े बर्तन में गेहूँ का आटा निकाल लीजिए। इसमें बेसन, कसुरी मेथी, अजवायन, हींग, हल्दी पाउडर, जीरा, लाल मिर्च पाउडर, बारीक कटी हरी मिर्च, नमक और 2 छोटे चम्मच तेल डालकर सभी चिजों को अच्छी तरह मिला लीजिए। थोड़ा-थोड़ा दूध डालते हुए चपाती के आटे से थोड़ा सख्त आटा गूंथ कर तैयार कर लीजिए। आवश्यकता हो तो 1-2 चम्मच पानी डाल दीजिये। अन्यथा छोड़ दीजिये। 

आटे को ढक कर 15 से 20 मिनिट के लिए रख दीजिए। जैसा सेट होने के लिए करते हैं।

अब आटा तैयार है। हाथ पर थोड़ा सा तेल लगाकर आटे को मसल लीजिए। आटे से छोटी छोटी लोईयां तोड़ लीजिए। अब एक लोई उठाएं और इसे अच्छे से मसलते हुए गोल बना कर वापस बर्तन में रख लें और सारी लोइयां इसी तरह से बनाकर तैयार कर लें। अब एक लोई चकले पर रख कर बेलें। जैसे ही ये चकले से चिपके, उठाकर सूखे आटे में लपेटें और एकदम पतला पापड़ के जैसा बेल कर तैयार कर लीजिए।

तवा गरम कीजिए और पतले बेले हुए खाखरा को तवे पर डाल दीजिए। निचली सतह थोड़ी ही सिकने पर खाखरा के ऊपर की सतह का कलर कुछ गहरा हो जाता है। अब इसे पलटिये। दूसरी सतह पर भी ऎसी ही सिक जाने पर इसे फिर से पलट दीजिए। किसी साफ सूती कपड़े से खाखरा को चारों ओर से हल्का दबाव देते हुए मीडियम आंच पर, पलट पलट कर, खाखरा के दोंनो ओर ब्राउन चित्ती आने तक सेक लीजिये।

सिके हुये खाखरा को प्लेट में रख लीजिए। अब इसी प्रकार सारे खाखरा बना कर तैयार कर लीजिए।

खाखरा को तेल लगाकर भी बना सकते हैं। 
खाखरा को बेल कर तवे पर डालें और दोनों ओर तेल लगाकर, इसी तरह दोंनो ओर हल्की चित्ती आने तक सेक लीजिए। तेल वाले खाखरा को सेकने के लिये कपड़े या कटोरी से दबा दबा कर सेंके।
खाखरा को पूरी तरह से ठंडा होने पर इन्हें कंटेनर में भर कर रख दीजिए और 6-7 दिनों तक खाते रहें।

ध्यान देने योग्य बातें :
1. खाखरा को एकदम पतला बेलें तभी वो अच्छा क्रिस्प होकर बनेगा।
2. खाखरा को धीमी और मीडियम आंच पर ही सेकें।

आलू बाकरवड़ी

आलू बाकरवड़ी (Aloo Bhakarwadi Recipe)

महाराष्ट्र हो या गुजरात यहाँ की परम्परागत व्यंजन आलू बाकरवड़ी को हम नाश्ते के रूप में बना सकते हैं। साथ ही किसी भी पार्टी के लिये बनाकर स्टारटर के रूप में भी परोस सकते हैं। 





35 से 40 बाकरवड़ी बनाने के लिये

सामग्रीयाँ - Ingredients :

आटा लगाने के लिये
मैदा - 1 कप
मैदा - 2 टेबल स्पून (घोल बनाने के लिये)
नमक - ¼ छोटी चम्मच
अजवायन - ¼ छोटी चम्मच

स्टफिंग के लिए 
आलू - 4 (300 ग्राम) उबले हुए
धनिया पाउडर - 1 छोटी चम्मच
अदरक - 1/2 छोटी चम्मच (पेस्ट)
हरी मिर्च - 1 छोटी चम्मच (पेस्ट)
लाल मिर्च पाउडर - 1/4 छोटी चम्मच
अमचूर पाउडर - 1/2 छोटी चम्मच
हरा धनिया - 2-3 टेबल स्पून (बारीक कतरा हुआ)
नमक - स्वादानुसार


बनाने की विधि - How to make :
एक बड़े प्याले में मैदा ले लीजिए। 1/4 छोटी चम्मच नमक, 1/4 छोटी चम्मच अजवायन, 2 टेबल स्पून तेल डालकर सभी चीजों को अच्छे से मिला दीजिए और थोड़ा-थोड़ा पानी डालते हुए, थोड़ा सख्त पूरी के जैसा आटा गूंथ कर तैयार कर लीजिए।

गुंथे आटे को ढक कर 15 से 20 मिनिट के लिये रख दीजिये, ताकि आटा सैट हो जाय। जब तक आटा सैट होता है तब तक आलू की स्टफिंग बनाकर तैयार कर लीजिये।

आलू को छील कर, बारीक तोड़ लीजिये। अब इसमें धनिया पाउडर, लाल मिर्च पाउडर, अमचूर पाउडर, नमक, अदरक का पेस्ट, हरी मिर्च का पेस्ट और बारीक कटा हरा धनिया डालकर अच्छी तरह से मिला लीजिए। स्टफिंग तैयार है। 

गुंथे आटे को 2 भागों में बांट लीजिये। एक भाग को उठाइये, मसल कर चपटा करके लोई बना लीजिये। लोई को चकले पर रखिये और पूरी जैसा पतला बेल लीजिये। बेले हुई पूरी के ऊपर आलू की आधी स्टफिंग रख कर दीजिए और चम्मच से पिठ्ठी को दबाते हुये चारों तरफ पतला एक जैसा बिछा दीजिये।

पूरी के ऊपर पिठ्ठी लगाने के बाद पूरी को एक तरफ से उठाते हुये मोड़िये और रोल बना लीजिये।

अब 2 टेबल स्पून मैदा में थोड़ा सा पानी डालकर मैदे का घोल तैयार कर लीजिए। अब किनारे में घोल लगाते हुए पूरा मोड़ दीजिए। जिससे यह अच्छे से चिपक जाता है। दोनों ओर के खुले किनारे हाथ से दबाकर बन्द कर दीजिये।

रोल को आधा - पौना सेमी चौड़ाई के टुकड़े करते हुये। काट कर तैयार कर लीजिये। सारे टुकड़े काटने के बाद, दूसरी लोई को भी बेलकर इसी तरह स्टफिंग भरते हुए तैयार कर लीजिए और टुकड़ों में काट लीजिए।

बाकरवड़ी तलने के लिये कढ़ाई में तेल डालकर गरम कीजिये। तेल अच्छी तरह गरम होने पर बाकरवड़ी को मैदा के घोल में डुबाकर निकाल लीजिए और गरम तेल में डाल दीजिए। इसी तरह से सभी बाकरवड़ी को मैदा के घोल में डुबोते हुए गरम तेल में डालें। जितनी बाकरवड़ी एक बार तेल में डाली जा सकें डाल दीजिये। मध्यम आग पर बाकरवड़ी को सब तरफ से ब्राउन होने तक तल कर निकाल लीजिये। सारी बाकरवड़ी इसी तरह तल कर निकाल लीजिये।

स्वादिष्ट खस्ता आलू बाकरवड़ी तैयार है। इतने आटे में लगभग 35 से 40 बाकरवड़ी बनकर के तैयार हो जाती हैं। गरमा-गरम बाकरवड़ी हरी चटनी या मीठी चटनी या अपनी मनपसंद चटनी के साथ परोसिये।

ध्यान देने योग्य बातें :
आलू को अच्छी तरह से दबाते हुये पूरी के ऊपर बिछा कर रोल बनायें। मैदा का घोल पतला बनायें।

स्पंजी ढोकला बेकिंग सोडा के साथ

स्पंजी ढोकला बेकिंग सोडा के साथ (Khaman Dhokla using Baking Soda)

एकदम कम तेल में बना हुआ बेसन का स्पंजी, खट्टा मीठा और बहुत ही सोफ्ट ढोकला खाने को मिले तो हम सब उसे बड़े ही प्यार से खाना पसन्द करेंगे. ढोकला हम ईनो साल्टमिला कर भी बनाते हैं और बेकिंग सोडा मिला कर भी. आज हम बेकिंग सोडा मिलाकर ढोकला बना रहे हैं। 





सामग्रीयाँ - Ingredients :
बेसन - 1.5 कप (150 ग्राम )
टाटरी पाउडर (टार्टरिक एसिड) - 1 छोटी चम्मच
तेल - 2 छोटी चम्मच
चीनी - 4 छोटी चम्मच
बेकिग सोडा - 1/3 छोटी चम्मच
पानी - 3/4 कप

नमक - स्वादानुसार

तड़के के लिये
राई - आधा छोटी चम्मच
करी पत्ता - 10-12
हरी मिर्च - 3-4 ( 2 भागों में लम्बाई में काटी हुई)
चीनी - 2 छोटी चम्मच
ताजा नारियल कद्दूकस किया हुआ - 2-3 टेबल स्पून
हरा धनियां - 1-2 टेबल स्पून
तेल - 1-2 छोटी चम्मच
पानी - 1 कप


बनाने की विधि - How to make :
प्याले में टाटरी पाउडर और चीनी डालिये। आधा कप पानी डालिये। टाटरी और चीनी को अच्छी तरह घुलने तक घोल लीजिये। बेसन डालिये और गुठलियां खतम होने तक, चिकना, गाढ़ा घोल बनाकर तैयार कर लीजिये। बैटर को ढककर 10 मिनिट के लिये रख दीजिये। तब तक ढोकला पकाने की तैयारी की जा सकती है। 

ढोकला पकाने के लिये एसा बर्तन जिसमें, थाली आसानी से रखी जा सके और वह अच्छी तरह ढका जा सके। उसमें 2 कप पानी डालिये और गरम करने के लिये रख दीजिये।

थाली जिसमें ढोकला पकाना है, उसमें तेल डालकर अच्छी तरह चिकना कर लीजिये।

बेसन के घोल में नमक, 2 टेबल स्पून तेल डालकर अच्छी तरह मिलाइये। बेकिंग सोडा डालिये और सोडा के मिलने तक मिला दीजिये। घोल को थाली में डालिए, खटखटा कर एक जैसा फैला दीजिये।

पानी में उबाल आने पर बर्तन के अन्दर जाली स्टेन्ड डालिये और थाली को स्टेन्ड के ऊपर रखिये। बर्तन जिसमें पानी उबल रहा है, उसे ढक दीजिये और मीडियम आंच या इतनी आग जलाते हुये कि ढोकला में अच्छी भाप बनती रहे, पानी उछल उछल कर बाहर न आये। ढोकला को 20 मिनिट तक पकने दीजिये।

ढोकला को चैक करने के लिये, बर्तन को खोलिये, चाकू को ढोकला के अन्दर डालकर देखिये। चाकू की नोक पर ढोकला का बैटर चिपक कर नहीं आना चाहिये। चाकू साफ निकले तो ढोकला पक कर तैयार है। 

ढोकला को बर्तन से निकाल कर बाहर रख लीजिये। ठंडा होने पर चाकू की सहायता से पहले थाली के किनारे से ढोकला को अलग कीजिये। अब कोई भी दूसरी थाली ढोकला की थाली पर रखिये। ढोकला की थाली को उल्टा कीजिये और थपथपा दीजिये। ढोकला दूसरी थाली में निकल आता है। ढोकला को टुकड़ों में काट लीजिये। यदि आप चाहें तो ढोकला को ठंडा होने पर उसी थाली में अपने मन पसन्द टुकड़ों में काट सकते हैं। 

तड़का लगाइये:
पैन में 2 छोटे चम्मच तेल डालकर गरम कीजिये। राई डालिये, राई तड़कने पर करी पत्ता डालिये। हरी मिर्च डालकर हल्का सा भून लीजिये। 1 कप पानी डालिये, 2 छोटी चम्मच चीनी डालिये। पानी में उबाल आने तक पका लीजिये। 
तड़के के पानी को चम्मच से ढोकला के चारों ओर ऊपर से डालिये। हरी मिर्च, हरा धनिया और नारियल डालकर ढोकला की गार्निस कीजिये।

बहुत ही अच्छा, स्पंजी और एकदम सॉफ्ट ढोकला बनकर तैयार है। ढोकला को हरे धनिये की चटनी, नारियल की चटनी के साथ सर्व कीजिये और खाइये। 

ध्यान देने योग्य बातें :
1. ढोकला का बैटर पतला और बहुत गाढ़ा होने पर ढोकला अच्छा नहीं फूलता, स्पंजी नहीं बनता। 

2. बेकिंग सोडा डालने के बाद, घोल को ज्यादा फेंटा जाय तो सोडा के रियेक्सन से बनी गैस बाहर निकल जाती हैं और ढोकला अच्छा स्पंजी नहीं बनता है। 

3. ढोकला का बैटर बनाने में टाटरी की जगह 2 टेबल स्पून नीबू का रस डाला जा सकता है। 

आप माइक्रोवेव में भी खांडवी बना सकते हैं।

माइक्रोवेव में बनी खांडवी (Khandvi, Gujarati Street Food in  Microwave)

बच्चों और बड़ों दोनों को पसन्द आने वाली गुजराती खान्डवी को माइक्रोवेव में और भी आसानी ने बनाया जा सकता है क्योंकि माइक्रोवेव में न तो खान्डवी के घोल को चलाते रहना पड़ता और इसमें गुठले पड़ने का डर भी नहीं रहता है। 


3 से 4 लोगों के लिये

सामग्री - Ingredients :
बेसन - 1 कप (100 ग्राम)
दही- 1 कप (200 ग्राम)
हरा धनियाँ - 2 से 3 टेबल स्पून (बारीक कटा हुआ)
तेल- 2 से 3 टेबल स्पून
हल्दी पाउडर - 1/4 छोटी चम्मच से आधी
हरी मिर्च - 2 (बारीक काटी हुई)
करी पत्ता - 8 - 10 पीस
राई - आधा छोटी चम्मच
तिल - 1 छोटी चम्मच
हींग - 1 चुटकी
नमक - स्वादानुसार

बनाने की विधि - How to Make :
मिक्सर के जार में दही, बेसन और 2 कप पानी डालकर एकदम चिकना घोल तैयार कर लीजिए। (घोल को प्याले में फैट कर भी तैयार कर सकते हैं)। घोल को माइक्रोवेव सेफ प्याले में डालिये। नमक, हल्दी, हींग और 1 टेबल स्पून तेल डाल कर मिक्स कीजिए।

प्याले को माइक्रोवेव में रख कर 2 मिनिट के लिए माइक्रोवेव कर लीजिए। प्याला बाहर निकालें और अच्छे से चला दें। प्याले को फिर से माइक्रोवेव में रख दें और 2 मिनट के लिये माइक्रोवेव कर लें। बाहर निकालें और अच्छी तरह से चलाएं। फिर से 2 मिनिट माइक्रोवेव कर लें फिर से बाहर निकालें और अच्छे से चलाएं। 

फिर से 1 मिनिट के लिए माइक्रोवेव कर लीजिए (घोल को 7 मिनट माइक्रोवेव किया है) प्याले को बाहर निकालें और घोल को अच्छे से चलाएं। खांडवी बनाने के लिए घोल तैयार है। 

घोल फैलाने के लिए थाली या ट्रे ले लीजिये। थाली में तेल लगाने की आवश्यकता नहीं है। खांडवी के घोल को थाली या ट्रे में पतला-पतला फैला दीजिये। घोल को पतला फैला दीजिये।

10 से 15 मिनिट में यह मिश्रण ठंडा हो कर जम जाता है। इस जमी हुई परत को चाकू की सहायता से 6 इंच लम्बी 2 इंच चौड़ी पट्टियाँ में काट लीजिये और इन पट्टियों का रोल बना लीजिये। सारे रोल को थाली में लगा दीजिये। 

अब छोटी कढ़ाई में तेल डाल कर गरम कीजिये। हरी मिर्च को लम्बाई में काट लीजिए। गरम तेल में राई डाल दीजिये और राई भूनने पर इसमें तिल, करी पत्ता और हरी मिर्च डालिये और हल्का सा भून लीजिये। इस मसाले मिले तेल को चम्मच की सहायता से खांडवी के ऊपर डाल दीजिये। हरे धनिये और नारियल से सजाइये।

माइक्रोवेव में बनी बहुत ही अच्छी खान्डवी तैयार है। खान्डवी को अपनी मनपसन्द चटनी के साथ खाइये और परोसिये।

ध्यान देने योग्य बातें :
बेसन के घोल को बिलकुल चिकना होने तक घोलें। गुठलियां बिलकुल नहीं रहनी चाहिये।

स्वादिष्ट बेसन मेथी का थेपला

बेसन मेथी का थेपला (Missa Methi Thepla)

गुजराती थेपला अनेक तरह से बनाये जाते हैं। बेसन और गैंहू का आटे को मेंथी और देशी मसाले मिलाकर बने मेंथी के मिस्से थेपला बनायें। आप इन्हें टिफिन में तो रख ही सकते हैं, कहीं घूमने जायें तो थेपला बनाकर ले जायें। ये 3 - 4 दिन तक खराब नहीं होते।


12 थेपला के लिये

सामग्रीयाँ - Ingredients :
गेहूं का आटा - 1 कप (150 ग्राम)
बेसन - 1/4 कप (25-30 ग्राम)
मेंथी - 1/2 कप (बारीक कटी हुई)
दही - 1/4 कप
धनियां - 1/2 छोटी चम्मच
तेल - 1/4 कप (आटे में डालकर गूथने के लिये और थेपला सेकने के लिये)
नमक - स्वादानुसार
लाल मिर्च - 1/4 छोटी चम्मच
हल्दी पाउडर - 1/4 छोटी चम्मच
अजवायन - 1/4 छोटी चम्मच

बनाने की विधि - How to make :

गेहूं के आटे को किसी बर्तन में निकाल लीजिये। बेसन, लाल मिर्च पाउडर, हल्दी पाउडर, धनिया पाउडर, नमक, अजवायन, कटी हुई मेथी, दही और 2 छोटे चम्मच तेल डालकर अच्छी तरह मिला लीजिये। पानी की सहायता से नरम आटा गूथ लीजिये। आटे को 20 मिनिट के लिये ढककर रख दीजिये। आटा सैट होकर तैयार हो जायेगा।

हाथ पर थोड़ा सा तेल लगाकर आटे को मसल कर चिकना कर लीजिये।

तवा गरम कीजिये, आटे से थोड़ा सा एक छोटे नीबू के बराबर आटा तोड़िये और गोल लोई बनाकर तैयार कर लीजिये। अब सूखे आटे में लोई को लपेट कर चकले पर रखिये और रोटीनुमा बेल लीजिये।

गरम तवे पर थोड़ा सा तेल डालकर चारो ओर फैलाएं। अब बेले गये थेपला को तवे पर डाल दीजिए। जब थेपला का कलर ऊपर से थोड़ा डार्क हो जाय तब थेपला को पलट दीजिये। ऊपर की ओर 1 छोटी चम्मच तेल डालकर चारों ओर फैलाइये। थेपला को पलटिये और दूसरी ओर भी थोड़ा सा तेल डालकर फैलाइये। मीडियम आंच पर थेपला को दोनो ओर पलट पलट कर अच्छी ब्राउन चित्ती आने तक सेकिये। सेके हुये थेपला को किसी प्लेट पर रखी प्याली पर रख लीजिये। सारे थेपला इसी प्रकार सेक कर तैयार कर लीजिये और इतने आटे में लगभग 11 -12 थेपला बनकर तैयार हो जाते हैं। 

स्वादिष्ट बेसन मेंथी थेपला बन कर तैयार है। इन्हें आप अचार, दही, चटनी या अपनी मन पसन्द सब्जी के साथ परोसिये और खाइये। 

ब्रेड से बने गुलाब जामुन, जिसका स्वाद मावे के गुलाब जामुन जैसा।

सफ़ेद ब्रेड का बना गुलाब जामुन

ब्रेड और दूध को मिलाकर बनाये गये गुलाब जामुन भी इतने ही स्वादिष्ट होते हैं, जितने छेना का। जब तक आपको बताया न जाय कि ये ब्रेड के गुलाब जामुन है तब तक खाने वाले को वह मावा के ही गुलाब जामुन लगते हैं। स्वाद में भी और देखने में भी।



24 गुलाब जामुन के लिये

आवश्यक सामग्री - Ingredients:
ब्रेड स्लाइस (व्हाइट)- 12 पीस
चीनी - 1.5 कप
फुल क्रीम दूध (गाढ़ा किया हुआ) - 1 कप
घी - 1 चम्मच
बादाम - 7 से 8 पीस
काजू - 7 से 8 पीस
इलायची पाउडर - 1/4 चम्मच
घी - तलने के लिए अलग से

बनाने की विधि - How to make

ब्रेड गुलाब जामुन बनाने के लिए सबसे पहले चाशनी बना लीजिए।
चाशनी बनाने के लिए एक बर्तन ले लीजिए इसमें चीनी और डेढ़ कप पानी डालकर गैस पर रखिये। चाशनी को तब तक पकने दीजिये जब तक की चीनी घुल न जाए।

तब तक ब्रेड के किनारे वाला गहरे रंग का हिस्सा चाकू से काट कर हटा दीजिये।

पानी में उबाल आने और चीनी पानी में घुलने के बाद चम्मच की सहायता से 2 बूंद चाशनी को किसी प्याली में निकाल कर, ठंडा होने के बाद, उंगली और अंगूठे के बीच चिपकाते हुए देखिये, चाशनी में 1 तार बन रही हो तो, चाशनी बन कर तैयार है। अगर चाशनी में तार बिलकुल नहीं बन रहा है, तब उसे और 1-2 मिनिट के लिए पकाइये और फिर से इसी तरह जांच लीजिये। जैसे ही आपको 1 तार वाली विधा दिख जाय तो गैस बन्द कर दीजिये।

ब्रेड को तोड़ कर मिक्सर के जार में डाल दीजिए और इसे क्रम्बल (टुकड़े-टुकड़े) कर लिजिए।

ब्रेड के चूर को एक बर्तन में निकाल लीजिए, इसमें घी और गाढा़ किया हुआ दूध थोडा़-थोडा़ डालते हुए, नरम आटा जैसा गूंथ लीजिए। गूंथ जाने पर इसे 10 मिनिट के लिए ढँक कर रख दीजिए ताकि ये सैट हो जाए।

काजू और बादाम को छोटे-छोटे टुकड़ों में काट कर तैयार कर लीजिए।

काजू-बादाम और इलायची को एक साथ मिला कर, 1 चम्मच चाशनी डाल कर अच्छे से मिला दीजिए गुलाब जामुन की स्टफिंग तैयार है।

हाथ पर थोडा़ सा घी लगाकर, ब्रेड से बने आटे को मसल लीजिए। ब्रेड के आटे में से थोडा़ सा आटा तोड़ लीजिए और इसे चपटा करके इसमें थोडी़ सी स्टफिंग डालकर चारों ओर से उठाते हुए बंद कर दीजिए और गुलाब जामुन के जैसा गोल आकार दीजिए। इसी तरह से सारे आटे से गोले बनाकर तैयर कर लीजिए।

अब गैस के ऊपर कढ़ाई में घी डाल कर गरम कीजिये। 3-4 गोले, कढ़ाई में डालें, और ब्राउन होने के बाद हल्के से हिला हिला कर तलें, गुलाब जामुन के चारों तरफ ब्राउन होने तक तलते रहिये। तले गुलाब जामुन कढ़ाई से निकाल कर प्लेट में रखिये। थोड़ा ठंडा होने के 2 मिनिट बाद चाशनी में डुबा दीजिये। इसी तरह सारे गुलाब जामुन बनाकर, तल कर चाशनी में डाल कर डुबा दीजिये।

2- 3 घंटे में गुलाब जामुन मीठा रस सोखकर मीठे और स्वादिष्ट हो जायेंगें, और खाने के लिये गुलाब जामुन तैयार हो जायेंगे। ब्रेड गुलाब जामुन को फ्रिज में रख कर 4 -5 दिन तक खाया जा सकता है।

कुछ ध्यान देने योग्य बातें:
1. गुलाब जामुन के लिये दूध गाढ़ा करने के लिये, 2 कप दूध कढ़ाई में डालें और 1 कप रहने तक उसे गाढ़ा कर लीजिये। इस दूध को एक बार मिक्सर में डाल कर फैंट भी लीजिये, इसकी गुठलियां खतम हो जायेंगी। ब्रेड का आटा गूथने में आसानी होगी।
2. अगर गोले बनाते समय उसमें दरार दिख रही हों तो आटे में दूध डालकर और मलें और मुलायम करें, गोलों में दरार न पड़े।
3. गुलाब जामुन के लिये घी पहले ठीक से गरम कीजिये, इसके बाद गैस मीडियम करके घी के तापमान को हल्का ठंडा यानी कि मीडियम रहने दीजिये, और पहले 1 गुलाब जामुन डाल कर उसे ब्राउन होने तक तलें, इसके बाद 4 से 5 जितने कढ़ाई में आ जाय, उतने गुलाब जामुन डाल कर तलें, बहुत अच्छे गुलाब जामुन बनेंगे।